उज्जैन, 1 अक्टूबर। स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0 के अंतर्गत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन के मार्गदर्शन में नगर निगम में कार्यरत डी-सिल्टिंग एवं ड्रेनेज स्टाफ के लिए ‘यूज्ड वाटर प्रबंधन’ विषय पर क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन बुधवार को अथर्व होटल में किया गया।

नगर निगम की सहयोगी संस्था फीडबैक फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में निगम के 107 सफाई मित्रों ने सहभागिता कर सुरक्षित सफाई कार्यों एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।कार्यशाला का शुभारंभ सहायक आयुक्त, नगर पालिक निगम श्री रविकान्त मगरदे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डी-सिल्टिंग एवं ड्रेनेज कार्यों से जुड़े कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता में सफाई मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके साथ ही नागरिकों की जागरूकता एवं सक्रिय सहभागिता भी जरूरी है।

प्रत्येक नागरिक अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करे, तभी स्वच्छता अभियान को पूर्ण सफलता मिल सकेगी।सुरक्षित डी-सिल्टिंग एवं फीकल स्लज प्रबंधन की दी जानकारीप्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सेप्टिक टैंक की डी-सिल्टिंग एवं एम्प्टींग की मानक प्रक्रिया, फीकल स्लज की सुरक्षित हैंडलिंग, परिवहन तथा उचित निपटान के संबंध में तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई।

इसके साथ ही मैनुअल एवं मैकेनिकल सफाई के दौरान उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों, दुर्घटनाओं से बचाव तथा सुरक्षित कार्य पद्धतियों के बारे में विस्तार से बताया गया।कार्यशाला में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को पीपीई किट पहनने एवं उतारने की सही प्रक्रिया (डॉनिंग एवं डॉफिंग), उपकरणों के रखरखाव तथा उनके उपयोग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।

साथ ही कार्य के दौरान क्या करें और क्या न करें, इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।मैनहोल एवं सेप्टिक टैंक की मैकेनिकल क्लीनिंग का लाइव डेमोंस्ट्रेशनप्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान मैनहोल एवं सेप्टिक टैंक की मैकेनिकल क्लीनिंग का लाइव डेमोंस्ट्रेशन किया गया।

इसके माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों के सुरक्षित संचालन और उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी प्रदान की गई।इसके अतिरिक्त सड़क एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई, अपशिष्ट एवं स्लज के सुरक्षित प्रबंधन तथा सफाई कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

कार्यशाला का उद्देश्य सफाई मित्रों की कार्यक्षमता में वृद्धि करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित कार्य पद्धतियों एवं आधुनिक तकनीकों के प्रति प्रशिक्षित करना रहा।