उज्जैन में 24 और 25 अक्टूबर को होने वाले उज्जैनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल 2026 के लिए फिल्मों की प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। फिल्मकार, विद्यार्थी और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागी दस श्रेणियों में अपनी प्रस्तुतियां भेज सकते हैं।
विश्व संवाद केंद्र, मालवा और भारतीय चित्र साधना के सहयोग से आयोजित इस फेस्टिवल में लोक परंपराओं, संस्कृति, समुदायों और समकालीन सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कहानियों को मंच देने की योजना है। शॉर्ट फिल्म, एआई फिल्म, विज्ञापन फिल्म और माइक्रो ड्रामा भी आमंत्रित श्रेणियों में शामिल हैं।
लोक और जनजातीय जीवन की कहानियों के लिए विशेष मंच
‘नदिया के पार से कांतारा की डोर’ श्रेणी लोक एवं जनजातीय कला, कहानियों और परंपराओं पर केंद्रित होगी। इसमें संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प, भाषाओं, त्योहारों और मौखिक परंपराओं को विषय बनाने वाली फिल्में भेजी जा सकती हैं।
इस श्रेणी में जनजातीय समुदायों के जीवन तथा प्रकृति और भूमि के साथ उनके संबंधों पर आधारित कहानियों को भी जगह मिलेगी। बदलती आकांक्षाओं, जीवनशैली और समकालीन भारत में इन समुदायों की भूमिका से जुड़े विषय भी इसके दायरे में हैं।
मास्टर क्लास और पंजीकरण की सुविधा
फेस्टिवल के दौरान फिल्म निर्माण और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों के लिए मास्टर क्लास आयोजित करने की घोषणा की गई है। आयोजकों ने फिल्म सबमिशन के साथ दर्शकों और स्वयंसेवकों के लिए भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है।
इच्छुक प्रतिभागी फेस्टिवल की आधिकारिक वेबसाइट से पंजीकरण और फिल्म भेजने की प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं। आयोजन उज्जैन में दो दिन चलेगा।
