शिक्षक दिवस के अवसर पर सेवा निवृत्त शिक्षको का सम्मान करते हुए वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत ने कहा कि जिन हाथों ने पीढ़ियों को शिक्षित किया, संस्कार दिए और समाज को दिशा प्रदान की, उन गुरुजनों का सम्मान हमारे लिए गौरवशाली क्षण है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को अक्षर ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं और उनके भीतर संस्कार, अनुशासन, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का संचार करते हैं। शिक्षक के मार्गदर्शन से ही एक विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित करता है। शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की वह मजबूत नींव हैं, जिस पर देश का उज्ज्वल भविष्य खड़ा होता है।
शिक्षक का योगदान केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके द्वारा दी गई शिक्षा, प्रेरणा और संस्कार पीढ़ियों तक समाज को दिशा देते रहते हैं। श्री रावत ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शुभकामनाएं देने का दिन नहीं, बल्कि उन गुरुजनों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के भविष्य को संवारने में समर्पित किया है।
सेवानिवृत्ति के पश्चात भी शिक्षकों का अनुभव समाज के लिए प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक बना रहता है।
पूर्व वनमंत्री एवं वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रावत के निवास पर आयोजित उक्त कार्यक्रम के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अशोक दंडोतिया, बीआरसी श्री वशिष्ठ, भाजपा जिला महामंत्री श्री अरविंद सिंह जादौन, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री कैलाश सिरोठिया, विजयपुर मंडल अध्यक्ष श्री शुभम मुदगल, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री श्रीधर गुर्जर, श्री दिनेश शर्मा, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री सोबरन सिंह जादौन सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित कर शिक्षा एवं समाज निर्माण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। समारोह में उपस्थित सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव, समर्पण और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया गया। कार्यक्रम का वातावरण गुरुजनों के प्रति सम्मान, आत्मीयता और कृतज्ञता से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त शिक्षक उपस्थित रहे।
